सिमडेगा उपायुक्त ने की गुरुवारी जनता दरबार का आयोजन
सिमडेगा:- गुरुवार को समाहरणालय भवन में जनता दरबार का आयोजन हुआ। उपायुक्त आर. रॉनीटा ने जनता दरबार में लोगों की समस्याओं को सुना और त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। जनता दरबार में अवैध कब्जा, भु-अर्जन, शौचालय निर्माण, चापाकल निर्माण एवं मरम्मति संबंधी जैसे अन्य मामलों का आवेदन प्राप्त हुआ। इसके लिए उपायुक्त महोदया ने संबंधित विभाग के पदाधिकारी को अग्रसारित करते हुये मामले का तीव्र निराकरण करते हुये प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया।
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल विभाग की सिमडेगा उपायुक्त ने की समीक्षा
जल जीवन मिशन के तहत जिले के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने का दिया निर्देश
सिमडेगा- उपायुक्त आर. रॉनीटा की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल विभाग की समीक्षा बैठक की गई। उपायुक्त ने 2022-23 के लक्ष्य अनुरूप कार्य योजना बनाते हुए एफएचटीसी से संबंधित कार्य को पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का संचालन एवं रख-रखाव दुरुस्त रखने की बात कही। साथ हीं स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में एफएचटीसी से संबंधित कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभागीय नियमानुसार योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव हेतु संवेदक, ग्राम जल स्वच्छता समिति के द्वारा कनेक्शन चार्ज लेने की बात कही। गर्मी मौसम के मद्देनजर चापाकलों की मरम्मति, साधारण मरम्मति एवं सड़े राइजर पाइप को बदल कर चालू करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अंतर्गत राज्य सरकार के द्वारा एवं जिला प्रशासन के द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। शिकायत की संख्या को देखते हुए ससमय मिली शिकायत की करवाई करने हेतु पलंबर मरम्मति की टीम अधिक संख्या में हायर कर शतप्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। जिससे की जिले के आम जनों को जल आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार की समस्याओं का सामना करना ना पड़े। साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत जिले के प्रत्येक टोला/गांव के घर तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने का निर्देश दिया। बैठक में कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, सभी कनीय अभियंता तथा जिला समन्वयक उपस्थित थे।
सोगड़ा घोयोंटोली में दिलीप तिर्की ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या सहित जन समस्या
पाकरटांड: प्रखंड के सोगड़ा घोयों टोली में जन परेशानियों की शिकायत पर कांग्रेस प्रदेश सदस्य सह इंटक प्रदेश सचिव दिलीप तिर्की ने क्षेत्र का दौरा किया जिसमें गांव के बच्चे महिलाओं और कई लोगो के साथ गाँव मे घूम घूम कर पानी की समस्याओं को जाना। लोगो ने यह बताया कि बहुत बड़ा गांव है जो 14वें वित्त से एक सोलर टंकी से गांव पानी पी रहा। वो भी 10 बजे के बाद पानी देता क्योकि वह सोलर से चलता है और शाम में 6 बजे के बाद सेवा बंद हो जाता। इस टंकी में भी जो पहले आता वही पानी पाता बाकी इंतजार ही करते रहते। मजबूरी में गंदे पानी का सेवन करना पड़ता है। लोगो ने बताया कि गांव में 4 चापाकल है वो सभी खराब हैं।दिलीप ने मौके पर ही लोगो की बातों को सुनकर अधिकारियों को फोन पर सम्पर्क कर पानी की समस्या को दूर करने की बात कही जिसपर अधिकारी ने जल्द से जल्द चापाकल ठीक करने की बात कही।साथ ही दिलीप ने कहा कि गर्मी के सुरूवाती दौर में हालात खराब हैं कुछ दिन में दिक्कतें बहुत बढ़ेंगी। जल ही जीवन है और छोटे छोटे बच्चे ऐसी हालात में जीवन यापन कर रहे यह बहुत शर्म की बात है जिले के लिए। न जाने गंदे पानी के इस्तेमाल से कितने ही बच्चे बीमारी से ग्रसित हो जाते। सूबे में हमारी सरकार है और हमारी प्राथमिकता है आपकी समस्या का हल इसलिए यह जल्द बनेगा। मौके पर वार्ड प्रमिला तिर्की, पुष्पा तिर्की, फिलिसिता तिर्की, शांति देवी, प्रतिमा तिर्की, ज्योति बाड़ा, बसंत तिर्की, ग्रेगरी डंग, वासुदेव तिर्की सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
विभिन्न समस्याओं को लेकर जलसहिया कर्मचारी संघ ने सिमडेगा में की बैठक
सिमडेगा:झारखंड राज्य जलसहिया कर्मचारी संघ जिला सिमडेगा की आवश्यक बैठक अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में सोमवार को जिला अध्यक्ष बसंती बाई की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष रेशमा परवीन ने बैठक कि सभी प्रकार के कार्यों का संचालन किया। बैठक में राज्य शाखा के प्रदेश अध्यक्ष इतवारी महतो प्रदेश महामंत्री गायत्री देवी उपस्थित हुए। बैठक में सिमडेगा जिला के सभी प्रखंडों से जलसहिया ने उपस्थित रहे बैठक में मुख्य रूप से खेद प्रकट किया गया झारखंड के 24 जिलों में मात्र सिमडेगा जिला है जहां पर मात्र 3 महीने का भुगतान हुआ है जबकि अन्य जिला में 15 से 22 महीने का भुगतान हुआ है इससे स्पष्ट है आईसी मद भुगतान किया गया है निश्चित रूप से आईसी मद से सिमडेगा में दुरुपयोग किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि 3 महीना के भुगतान में 70% जल सहिया को दिया गया और 30% जल सहिया को अभी तक नहीं मिला है ।गौरतलब हो 3 महीने का मानदेय दुर्गा पूजा के अवसर पर संघ के आवाहन पर ताली बजाओ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री के पहल पर 1000 मानदेय की दर से 3 माह का भुगतान 24 जिला में भेजा गया था सभी भुगतान हो गया है सिमडेगा जिला में भी इसमें मानी हो गया साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीण जलसहिया के प्रति उपायुक्त सिमडेगा संवेदनशील नहीं है इसलिए कार्यपालक अभियंता गरीब जल सहिया का पैसा अन्य मद में दिखाकर हजम कर लिया है। बैठक में राज्य से आए पदाधिकारी से 5 सूत्री मांगों पर चर्चा किया उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री निर्वाचन के दौरान वचनबद्ध होकर बयान दिया था कि न्यूनतम मानदेय झारखंड में भुगतान नहीं होगा उसी वचन को लागू कराने के उद्देश्य से 20 अप्रैल को राज्य में रैली की जाएगी एवं बकाया मानदेय के साथ न्यूनतम मजदूरी ₹13084 भुगतान के लिए दबाव बनाया जाएगा वर्तमान ₹1000 मासिक मानदेय है जो कि अभी 22 माह से लंबित है अन्य मांगों में जल सहिया का बिना अनुकंपा का लाभ नगर निगम में पर रोक लगाकर सेवा पर लाना ,जल सहिया का सेवा नियमावली आदि है। बैठक में सुमन, द्रोपदी ,अनीता ,तारा ,मोनो संगीता कुंती सुषमा सुनीता विमला पूनम सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहे।
भीषण गर्मी ,बोलबा में कई चापाकल खराब, पानी की किल्लत शुरू
बोलबा :बोलबा प्रखण्ड मुख्यालय में भीषण गर्मी पड़ते ही कई चापाकल खराब होने से पानी की किल्लत शुरू हो गयी गर्मी के मौसम आते ही जलस्तर नीचे जाने लगा है वहीं चापाकल भी जवाब देना शुरू कर दिया है प्रखण्ड मुख्यालय के नीचे बाजार , मार्केट कम्प्लेस, दुर्गा मन्दिर, बैंक ऑफ इण्डिया के पास का चापाकल कई माह से खराब पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार विभाग को कई बार लिखित एवं मौखिक सूचना दिया गया है किंतु विभाग के कोई भी अधिकारी एवं पदाधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं है । बोलबा में विभागीय मिस्त्री नहीं होने के कारण अपना खर्च करके चापाकल की मरम्मत कराते है जिसमे मिस्त्री को 2500 से 3000 रुपए तक देना पड़ता है गरीबी क्षेत्र में यह असंभव हो जाता है वहीं पाइप सहित खराब हुए सामानों को खरीदना पड़ता है । बोलबा प्रखण्ड मुख्यालय में प्रतिदिन गाँवों से लोग बैंक, ब्लॉक, अंचल सहित विभिन्न प्रकार के ऑफिसियल कार्यों से प्रतिदिन आते है इतना ही नहीं सप्ताह में तीन दिन साप्ताहिक बाजार भी लगता है गर्मी के दिनों में जीवन को बचाने के लिए पानी की अति आवश्यकता होगी । इधर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियन्ता प्रेमनाथ उराँव से चापाकल खराब की समस्याओं पर बताया कि बोलबा प्रखण्ड मुख्यालय के जो भी चापाकल खराब पड़ा हुआ हैसभी को दो दिनों के अन्दर ठीक कर दिया जायेगा।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के प्रयास पर कोलेबिरा-मनोहरपुर को मिला डबल लेन सड़क की सौगात
सिमडेगा:-कोलेबिरा मनोहरपुर वासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है।केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद अर्जुन मुंडा के प्रयास से सड़क एवं परिवहन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कोलेबिरा मनोहरपुर डबल लेन सड़क की स्वीकृति प्रदान की है जिसकी लागत 514 करोड होगी। साथ ही केंद्रीय मंत्री ने जिले वासियों को आश्वस्त किया है की प्राथमिकता के आधार पर क्रमवार सड़कों एवं अन्य विकास योजनाएं चलती रहेगी। इस बहुचर्चित मांग पूरी होने पर सिमडेगा कोलेबिरा मनोहरपुर के भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता सहित आम जनों ने भी खुशी जाहिर करते हुए केंद्रीय मंत्री का आभार प्रकट किया है।खुशी जाहिर करने वालों में जिला अध्यक्ष लक्ष्मण बड़ाईक, पूर्व मंत्री व एचपीसीएल डायरेक्टर विमला प्रधान ,तोरपा बिधायक कोचे मुंडा ,केंद्रीय मंत्री के सांसद प्रतिनिधि सुशील श्रीवास्तव ,नगर परिषद उपाध्यक्ष ओम प्रकाश साहू, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय ठाकुर ,श्याम लाल शर्मा ,दीपक पूरी, अनूप प्रसाद दुर्गविजय सिंहदेव , सतीश पांडे, श्रीलाल साहू, श्रद्धानंद बेसरा ,सुजान मुंडा, रवि गुप्ता ,मुकेश श्रीवास्तव, कृष्णा ठाकुर ,कोलेबिरा मंडल अध्यक्ष अशोक इंदवार, चिंतामणि कुमार, रणधीर कुमार ,बानो मंडल अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ,हुरडा मंडल अध्यक्ष ओमिन सिंह, अमरनाथ बामलिया, नवीन सिंह ,तुलसी साहू ,घनश्याम सिंह, महेश साहू ,सत्यनारायण प्रसाद सहित सभी कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए आभार प्रकट किया है
आपूर्ति विभाग अन्तर्गत संचालित योजनाओं का उपायुक्त ने की समीक्षा
निर्धारित तिथि तक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करने का दिया निर्देश
सिमडेगा:- उपायुक्त आर. रॉनीटा की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति विभाग अन्तर्गत संचालित विकास एवं कल्याणकारी योजना से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। उपायुक्त ने धान अधिप्राप्ति योजना के तहत तकनीकी समस्याओं का निराकरण कराते हुए विभाग द्वारा निर्धारित तिथि तक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिले में संचालित जन वितरण प्रणाली दुकानो में सूचनापट्ट, राशन कार्डधारियों की सूची अद्यतन कराने एवं विभाग द्वारा प्राप्त अन्य बैनर, पोस्टर लगाने का निर्देश दिया। उन्होने विभाग द्वारा निर्धारित कार्यदिवस के अनुसार दुकानों का संचालन कराने का निर्देश दिया, ताकि लाभुकों को खाद्यान्न प्राप्त करने तथा सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत आच्छादित सभी लाभुकों को प्रतिमाह निर्धारित मात्रा एवं दर पर ससमय खाद्यान्न उपलब्ध कराने तथा उपलब्ध रिक्ति के आलोक में आवेदन का चयन करते हुए उक्त योजना के अन्तर्गत आच्दाछित करने का निर्देश दिया। पी0वी0टी0जी0 डाकिया योजना के अन्तर्गत आच्छादित सभी आदिम जनजाति परिवारों के बीच प्राथमिकता के आधार पर प्रत्येक माह निर्धारित मात्रा खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री उनके निवास स्थान तक पहुँचाकर उपलब्ध कराने एवं छूटे हुए आदिम जनजाति परिवारों को पी0वी0टी0जी0 डाकिया योजना के अन्तर्गत आच्छादित कराने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों से खाद्यान्न वितरण का अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री दाल-भात योजना के अन्तर्गत जिले में संचालित कुल 13 (तेरह) दाल-भात केन्द्र का प्रत्येक 15 दिनों के अंतराल में निरीक्षण करने एवं साफ-सफाई में विशेष रूप से ध्यान देने हेतु सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी, सिमडेगा जिला को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री पेट्रोल सब्सिडी योजना के अन्तर्गत प्रखण्डवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए शत प्रतिशत राशन कार्डधारियों का पंजीकरण एवं पूर्व में पंजीकृत लाभुकों से मोबाईल एप्प/ईआरसीएमएस के माध्यम से प्रत्येक माह ससमय सहमति-पत्र प्राप्त करने हेतु निर्देश दिया। उक्त योजना का प्रचार-प्रसार हेतु सभी संबंधित प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों को राशि उपावंटित कर दी गयी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित पात्र गृहस्थ, अन्त्योदय अन्न योजना एवं जेएसएफएसएस अन्तर्गत हरा राशन कार्ड से आच्छादित कुल 126884 लाभुकों को वित्तीय वर्ष 2021-22 की द्वितीय छः माही हेतु सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना अन्तर्गत आपूर्तिकर्ता द्वारा उपलब्ध करायी जा रही वस्त्रों की सैम्पल जांच के पश्चात निर्देशानुसार वितरण की कार्रवाई किये जाने का निर्देश दिया। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुनम कच्छप व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थें।
बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के ही जिले की सड़कों पर सरपट दौड़ रहीं गाड़ियां
फिटनेस जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं,बिना जांच के ही मिल रहा फिटनेस प्रमाण पत्र
सिमडेगा:-जिले की सड़कों पर हर रोज सड़क दुर्घटना हो रही है जिससे दर्जनों लोग जख्मी और अपंग हो रहे हैं और कइयों को अपने जान से भी हाँथ गंवाना पड़ गया है।वर्ष के शुरुआत से अबतक दर्जनो सड़क दुर्घटनाओं में चालक की मृत्यु हो गई है। लेकिन वाहनों के फिटनेस जांच की फिक्र किसी को भी नहीं है। सड़कों पर खटारा वाहनें फरार्टे से दौड़ रही है। वाहनों के फिटनेस का फाइलों तक ही सिमटा है। फिटनेस जांच की जिले में भले ही कोई व्यवस्था नहीं है। जांच के लिए मशीन भी नहीं लेकिन कागज पर वाहनों का फिटनेस तैयार का दे दिया जाता है। भले की गाड़ी की बॉडी जर्जर हो, टायर डैमेज हो, स्टेयरिंग प्रणाली दोषपूर्ण हो, स्पेंशन दुरुस्त नहीं हो, हार्न खराब हो, लाइट में गड़बड़ी हो,रिफ्लेकटिंग टेप ना हो,स्पीड गवर्नर ना हो, इंडीकेटर का अता पता नहीं हो, ब्रेक प्रणाली भी गड़बड़ हो, वाहन का दरवाजा बंद नहीं होता हो कोई बात सबकुछ चलता है। आपको व्यवहारिकता निभा देनी है कागज पर पूरा फिटनेस मिल जाएगा। इसके लिए आपको दलाल भी मिल जाएंगे। धरातल पर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं हो पा रही है। सुरक्षित यातायात के लिए बनी योजनाएं व जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय संचिकाओं में दबकर रह जाते हैं। यह सही है कि प्रशासन के पास संसाधनों की कमी है। लेकिन, यह भी उतना ही बड़ा सच है कि इच्छाशक्ति का अभाव हर तरफ है । सड़क पर कहीं भी यातायात व्यवस्था नाम की चीज नहीं है। ट्रैफिक पुलिस के नाम पर जिले में कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। सड़क पर जल्दीबाजी, नियम की अनदेखी, ओवरटेकिंग की होड़ तथा शराब पीकर तेज गति में वाहन चलाना तो लोगों के जान पर कहर ढा ही रहा है लेकिन जर्जर वाहनें भी इसमें पीछे नहीं है। अनदेखी करना तो वाहन चालकों पर भारी पड़ ही रही है साथ ही जर्जर वाहन भी सड़क हादसे की वजह बन रहे हैं।
मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार तय किए गए मानकों पर वाहनों की जांच करने के बाद ही उसे सड़क पर चलने की अनुमति मिलनी चाहिए। लेकिन इस नियम का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में बिना फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल किए वाहन सड़कों पर धड़ल्ले से चल रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाके में है। इन इलाकों में जर्जर वाहनों से न सिर्फ यातायात की समस्या उत्पन्न होती है, बल्कि दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं।बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के चल रहे वाहन, नहीं हो रही कार्रवाई।सैकड़ों वाहन हैं जिनका फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं है। इसके बावजूद इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है। 80 फीसद वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के चल रहे हैं।
कागज पर फिट सड़क पर अनफिट
जिले की सड़कों पर चलने वाले कई खटारा वाहन का भी आपको फिटनेस प्रमाण पत्र मिल जाएगा। जबकि फिटनेस के 20 मानकों पर वाहन का खड़ा उतरना जरूरी है। भले की गाड़ी की बॉडी जर्जर हो, टायर डैमेज हो, स्टेयरिंग प्रणाली दोषपूर्ण हो, स्पेंशन दुरूस्त नहीं हो, रिफ्लेकटिंग टेप ना हो,स्पीड गवर्नर ना हो,हॉर्न खराब हो,लाइट में गड़बड़ी हो, इंडीकेटर का अता पता नहीं हो, ब्रेक प्रणाली भी गड़बड़ हो, वाहन का दरवाजा बंद नहीं होता लेकिन इसका फिटनेस प्रमाण पत्र टंच होगा। आज जिले में वर्षों पुराने वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे वाहनों की भरमार अर्से पुराना टैक्ट्रर, ठेलामार कार व जीप, कंमाडर व अन्य वाहन मिल जाएंगे। जो फिटनेस के लिए जरूरी एक भी शर्त को पूरा नहीं कर रहा है लेकिन सड़क पर तेज गति से चलती है।
बिना जांच के मिल रहा फिटनेस प्रमाण पत्र
जिले में वाहनों के फिटनेस जांच के लिए कोई माकूल व्यवस्था नहीं है। इसके लिए जरूरी मशीन भी नहीं है। संचिकाओं व कागज पर ही सब कुछ चलता है। कागज पर तो वाहन फिट रहता लेकिन सड़क पर उसकी जर्जरता देखने लायक रहती है। फिटनेस प्रमाण पत्र पूरी तरह सुविधा शुल्क पर आधारित है। इसके लिए दलाल भी धड़ल्ले से मिल जाते हैं जो आपका कागजात लेकर सारा काम कराकर आपको दे देगा। नए निजी वाहन के पंजीकरण से 15 वर्षो तक फिटनेस प्रमाणपत्र की वैधता होती है। उसके बाद वाहन की फिटनेस की जांच कराकर प्रमाणपत्र हासिल करना होता है, जो कि पांच वर्षो के लिए मान्य होता है। वहीं, व्यावसायिक वाहन के लिए इसकी वैधता पंजीकरण के दो वर्षो तक होती है। इसके बाद प्रत्येक वर्ष वाहन की जांच कराकर प्रमाणपत्र हासिल करना होता है। बिना इसके वाहन का पंजीकरण वैध नहीं माना जाता है। निजी वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र जिला परिवहन कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।इसके लिए मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर वाहन की जांच कर प्रमाणपत्र प्रदान करता है।
किसी वाहन में नहीं होते रिफ्लेक्टिव टेप फिर भी बन रहे प्रमाण पत्र
मानकों के अनुसार वाहन के फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के लिए वाहन में रिफ्लेक्टिव टेप का होना आवश्यक है।परंतु सड़क पर चलते कई वाहन आपको ऐसे दिखेंगे जिन पर रिफ्लेक्टिव टेप नहीं लगा होता है। वहीं मानकों के अनुसार फिटनेश प्रमाण पत्र लेने के लिए वाहनों में स्पीड गवर्नर का होना भी आवश्यक किया गया है परंतु बिना स्पीड गवर्नर के भी कई वाहनों का फिटनेश प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।
बिना दलाल के नहीं होते काम
जिला परिवहन कार्यालय पूरी तरह दलालों चंगुल में है। वाहन चालकों द्वारा फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल नहीं करने के पीछे सरकारी व्यवस्था भी जिम्मेदार है। वाहन मालिकों का कहना है कि जिला परिवहन कार्यालय में बिना दलाल का काम करवाना दुश्वार है। लाइसेंस बनाने से लेकर वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र पाने में इनका सहारा लेना मजबूरी है।
मानकों पर नहीं होती है जांच
केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट-1989 के तहत वाहन के टायर, स्टेयरिंग, हॉर्न, ब्रेक, लाइट, इंडिकेटर, स्पीडोमीटर, वाइपर, बॉडी, प्रदूषण, सेफ्टी ग्लास व सेफ्टी बेल्ट सहित लगभग 20 मानकों की जांच कर उसे सड़क पर उतरने की इजाजत दी जाती है। वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस व दस्तावेज की जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है।
गुमला:लैंड माइंस ब्लास्ट में घायल व्यक्ति को नहीं मिली है सरकारी सहायता
चैनपुर :- चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के मरवा गांव में बैल चराने के दौरान माओवादियों के द्वारा पलान्टेड लैंड माइंस ब्लास्ट के दौरान महेंद्र महतो की एक पैर उड़ जाने के बाद सरकारी सहायता के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ शिशिर कुमार सिंह उनके घर पहुंचे। और सरकारी सहायता के रूप में आवास, विकलांग पेंशन व मनरेगा योजना से एक कुवां निर्माण देने की बात कही थी। जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता सह स्वराज के प्रतिनिधि ललित महतो की अगुवाई में कूप निर्माण से संबंधित सारी प्रक्रियाएं करा दी गई। लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद महेंद्र महतो को कूप निर्माण का कार्य अब तक अथवा सरकारी सहायता अब तक नहीं मिल पाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इधर कूप निर्माण में जियो टैग के लिए महेंद्र महतो ब्लॉक का चक्कर लगा रहे हैं । महेंद्र महतो ने बताया कि बारडीह पंचायत के रोजगार सेवक रोशन लकड़ा को कई बार जियो टैग करने के लिए बोलने के बावजूद घुमा रहा है। जिसके कारण महेंद्र महतो काफी परेशान है । इधर इसी सिलसिले में गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता सह स्वराज प्रतिनिधि ललित महतो के साथ इस मामले की जानकारी चैनपुर ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर चैनपुर वीडियो डॉक्टर सुशील कुमार सिंह को दिया गया। जिसके उपरांत वीडियो डॉक्टर शिशिर कुमार सिंह ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि आप कुप निर्माण का कार्य को शुरू करें। आवश्यकता पड़ेगा तो जियो टैग मैं जाकर कर दूंगा। इधर वीडियो के पास रोजगार सेवक की शिकायत करने के बाद गुस्से से लाल हुए रोजगार सेवक रोशन लकड़ा ने सामाजिक कार्यकर्ता व एराउज प्रतिनिधि ललित महतो को दूरभाष पर जान से मार देने की धमकी दिया है । उसने कहा है कि मेरा शिकायत करते हो तुम्हें छोडूंगा नहीं इधर ललित महतो ने धमकी मिलने के बाद चैनपुर वीडियो डॉक्टर शिशिर कुमार सिंह को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दूरभाष पर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता सह स्वराज प्रतिनिधि ललित महतो ने कहा है कि मैं एक सोशल वर्कर हूं । और किसी पीड़ित व्यक्ति को विकास कार्य से जोड़ना मेरा परम कर्तव्य है। बावजूद मुझे इस तरह का धमकी दिया जाना तानाशाही रवैया को दर्शाता है ललित महतो ने कहा कि मैं इसकी लिखित शिकायत उपायुक्त से भी करूंगा।
आदिवासियों को लोन देने के लिए चक्कर लगवाने वाले बैंकों की अब खैर नहीं:सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा
सिमडेगा:आदिवासियों को लोन देने में आनाकानी करने वाले बैंकों की अब खैर नहीं। सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने आदिवासियों को आसानी से लोन देने की विधानसभा सत्र में मांग की है। विधायक भूषण बाड़ा ने सत्र के शून्यकाल के दौरान जिले के आदिवासियों को लोन देने में आनाकानी करने वाले बैंक कर्मियों पर करवाई करने की भी मांग सरकार से की है। विधायक ने सत्र में कहा है कि सरकार कहती है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को बैंकों में आसानी से लोन मिल रही है। लेकिन जिले का कोई भी बैंक अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को लोन नहीं देती। जमीन का कागजात आदि दस्तावेज दिखाने के बाद भी बैंक प्रबंधक द्वारा आनाकानी किया जाता है। यही कारण है कि जिले के अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के युवा छोटा मोटा ब्यापार करने में पिछड़ रहे हैं। विधायक ने सरकार से मांग किया है कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के युवाओं को आसानी से लोन देने का सभी बैंकों को सख्त निर्देश दें। और जो भी बैंक नहीं देता है उसपर कड़ी करवाई करें। विधायक के सवाल पर सरकार द्वारा भी सकारात्मक जवाब मिला है। इधर विधायक ने लोन के लिए बैंकों का चक्कर काटने के बाद भी बैंक प्रबंधकों द्वारा लोन देने में आनाकानी किये जाने पर उनसे सम्पर्क करने की अपील की है। ताकि ऐसे बैंक प्रबंधकों पर करवाई की जा सके।