कोलेबिरा विधायक ने सिमडेगा जिले में बनने वाले सिक्स लेन सड़क को एनएच143 में बनाने को की मांग

सिमडेगा: कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी ने गुरुवार को झारखण्ड विधानसभा सदन में शुन्य काल में प्रश्नों के माध्यम से सरकार से मांग करते हुए कहा कि सम्पूर्ण भारत सहित विश्व दुषित पर्यावरण से त्राहि त्राहि कर रहा है, पर्यावरण को साफ सुरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण कार्य तेजी से किया जा रहा है , ऐसे में वृहद पैमाने पर पेड़ों को काट कर निर्माण कार्य करना पर्यावरण के प्रति बेहतर नहीं है।उन्होंने कहा भारतमाला परियोजना के तहत सम्बलपुर उड़िसा से झारखण्ड के सिमडेगा गुमला एवं रांची जिला के रिंग रोड तक 6 लेन का सड़क निर्माण का प्रस्ताव सरकार द्वारा लिया गया है।6 लेन के प्रस्तावित नये क्षेत्र में निर्माण करने से हजारों हजार पेड़ पौधों को काटना पड़ेगा,जो स्वच्छ पर्यावरण को दुषित करेगा और अलग सरकार पर दोहरा राशि खर्च का भाड़ पड़ेगा वो अलग चूंकि पूर्व में सरकार द्वारा एन एच 143 का निर्माण किया गया जिसमें पेड़ों कटाई और राशि खर्च किया गया है।कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण किया गया, उसमें भी सरकार द्वारा पैसा खर्च किया गया उन्होंने सदन के माध्यम से मांग किया कि सरकारी राशि, किसानों के कृषि योग्य भूमि,एवं पर्यावरण को बचाते हुए एन एच 143 पर ही 6 लेन सड़क का निर्माण किया जाए।

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बांसजोर कुलामारा में केंद्र सरकार द्वारा करो रुपए की लागत से बनवाए जा रहे एकलव्य विद्यालय में पाई गई घोर अनियमितता

कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत बांसजोर प्रखण्ड के कुलामारा में करोड़ों रूपए लागत से जनजाति , अनुसूचित जातियों के बच्चों का भविष्य उज्वल हो,उनकी तरक्की हो। इसको देखते हुए कल्याण विभाग के माध्यम से एकलव्य विद्यालय बनाया जा रहा है। एकलव्य विद्यालय एक आवासीय विद्यालय है, जिसमें पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क खाना ड्रेस रहने आदि की व्यवस्था किया जाता है। किन्तु उक्त भवन निर्माण कार्य में घोर अनियमितता बरती जा रही है। बांसजोर प्रखण्ड के लोगों द्वारा शिकायत मिलने पर विधायक कोलेबिरा नमन बिक्सल कोनगाड़ी ने अपने प्रतिनिधि मोहम्मद समी आलम और अपने कार्यकर्ताओं को निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालय कुलामारा को निरिक्षण के लिए भेजे।
जब विधायक प्रतिनिधि विद्यालय पहुंचकर मोआयना किए तो कार्य में अनेकों त्रुटि पाए।छत पर ढ़लाई के लिए छड़ बांधा गया है वो 8 एम एम के सरिया से छत को ढ़ाला जा रहा है, जबकि इंजीनियरिंग हिसाब से मेन सरिया १० एम एम का और ऊपर ८ एम एम का होना चाहिए।चिप्स का क्वालिटी सही नहीं पाया गया,ईंट की स्थिति भी गुणवत्तापूर्ण नहीं मिला। सरिया दो तरह का इस्तेमाल किया जा रहा है,३०%प्रतिशत सरिया लोकल मिला कर कार्य को सम्पादित किया जा रहा है।
भवन निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों को दरकिनार कर नाम मात्र के स्थानीय मजदूरों को काम पर लगाया गया है, उसमें भी सरकार दर से मजदूरों को कम भुगतान किया जा रहा है,पता चला कि पुरुष मजदूरों को 250रूपया और महिला मजदूरों को 200रूपये मात्र भुगतान किया जाता है। यहां पर महिला पुरुष का लिंग भेद के हिसाब से मजदूरी भुगतान किया जाता है।
इसलिए जिला प्रशासन, कल्याण विभाग झारखण्ड वो सिमडेगा इस पर संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करे, जिससे आने वाले समय में बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखते हुए उज्वल भविष्य बनाया जा सके। अतः सरकार द्वारा उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर जांच होनी चाहिए और दोषी पदाधिकारी और संवेदक पर कानूनी कार्रवाई हो साथ ही साथ जबतक जांच पूर्ण नहीं हो जाता है तब तक काम को रोका जाए।




कौन सुनेगा, किसको सुनाएं…. इसलिए चुप रहते हैं, जलडेगा प्रखंड के विभिन्न जगहों पर पेयजल का संकट गहराया

जलडेगा:विश्व जल दिवस मनाकर सबने फोटो तो खींचवा ली लेकिन गांव टोलों में जल संकट कैसे दुर होगा इस पर सवाल कभी नहीं उठा, अगर उठा भी तो कभी किसी जनप्रतिनिधि व अधिकारी स्वयं दुबारा इन सभी समस्याओं को समाधान करना जरूरी ही नहीं समझता। पंचायतों में छोटी छोटी तकनीकी समस्याओं के कारण लाखों रुपए के जलमीनार बेकार पड़े हैं, यूं कहा जाए तो लाखों रुपए के जल मीनार अधिष्ठपित करने के नाम पर पंचायत के पैसों का दुरुपयोग किया गया है। जल मीनार तो बन गया, कमीसन के पैसे भी हजम हो गए लेकिन अब कोई भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी उस जल मीनार के तरफ मुड़ कर नहीं देखता। यही कारण है कि लोग अब जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से उम्मीद लगाना छोड़ चुके हैं। विश्व जल दिवस के अवसर पर “राष्ट्रीय नवीन मेल” टीम को कई जगह से जल संकट की समस्याओं को लोगों ने बताया और कहा कि उनके द्वारा जल मीनार अथवा पेयजल समस्या को लेकर कई बार आवाज उठाई जाती है, लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ते तो हैं पर उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है। जलडेगा प्रखंड अंतर्गत लमडेगा पंचायत के बनजोगा गांव में पिछले 8 महीनों से जलमिनर खराब पड़ा है जिसके कारण पानी पीने के लिए ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा कई बार मुखिया, जल सहिया यहां तक की जनता दरबार में भी आवेदन दिया गया था लेकिन अभी तक जल मीनार का दुरुस्त नहीं किया गया। वहीं कुछ ही वर्षों में जल मीनार के सभी पाइप जंग के कारण टूटने की स्थिति में है। वहीं लमडेगा खास कमलेश सिंह के घर पास में बना जलमीनार का सेंटेंस फटने से पानी जमा नहीं ही पाता है, सेंटेंस को कई बार चिपकाया भी गया लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। ये समस्या पहले भी समाचार के माध्यम से डाला गया था जिसके बाद ग्रामीणों को यह कहकर डांट मिला था कि मामला को समाचार में दीजिएगा तो गांव में सरकारी योजना नहीं आएगा। वहीं लमडेगा बराईबेड़ा गिरजाघर के पास पिछले लगभग तीन वर्ष से जल मीनार खराब पड़ा हुआ है, पानी के लिए महिलाओं को एक किलोमीटर दूर दाड़ी के पास जाना पड़ता है।टाटी पंचायत के तितलिंग बिरहोर टोली में बसंत तिड़ू के पास दो नल दिसम्बर माह से ही खराब पड़े हैं, ग्रामीणों ने कहा की आधा घंटा तक नल को चलाने पर बहुत मुश्किल से पानी निकलता है। इस टोली में कुल बारह परिवार स्वच्छ पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं।
इधर पतिअम्बा सराई टोली में लगा जल मीनार भी पिछले कई महीनों से खराब है। इधर लंबोई बसैर गांव और रोबगा ब्रिंगा टोली में पानी की समस्या, वहीं सावनाजारा गंझु टोली के ग्रामीण खेत में बने एक चूंवा का पानी पीने को विवश हैं। रा.प्रा.विद्यालय सिमरिया, पंचायत लमडेगा का भी चापाकल ख़राब होने से स्कूल के बच्चे सहित शिक्षकों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।




आईटीडीए विभाग की ओर से किए गए गए कार्य में कोलेबिरा विधायक ने पाई और अनियमितता

जलडेगा: विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी ने जलडेगा प्रखण्ड के आमजन और कार्यकर्ताओं के शिकायत पर कुटुंगिया पंचायत के रामजड़ी एवं परबा ,लमडेगा आदि का भ्रमण कर समस्याओं की जानकारी प्राप्त की।आमजनों के द्वारा आईटीडीए विभाग के माध्यम से किसानों को विकसित करने वाले योजना में घोर अनियमितता और भ्रष्टाचार का खुल्लम खुल्ला खेल खेला गया है।जो बहुत ही दुख दायी है। लोगों के द्वारा जानकारी दी गई कि वर्ष 2017-18 में  सरकार द्वारा अनुदानित सिंचाई योजना को धरातल पर करने के लिए योजना लाई गई, योजना आया भी पर उक्त योजना को आई टीडीए विभाग के माध्यम से आदित्य विकास समिति पण्डरूटोली लचरागढ़, और भारतीय लोक समिति ने किया। सरकार का योजना था कि किसानों को जोड़ कर कम से कम ढ़ाई एकड़ जमीन में पाईप,डीप बोरिंग,बीज,बृक्ष, आदि को करना था। किन्तु ठीक उसके विपरित ना तो डीप बोरिंग हुआ,ना बीज, वृक्षों आदि को लगाया ही गया।उपर से जो सरकार द्वारा राशि बैंक खाते में जमा किया गया उसे भी एनजीओ , विभाग एवं बैंक पदाधिकारी  के मिली भगत से गलत ढंग से हस्ताक्षर कराकर निकासी कर लिया गया। जबकि डीप बोरिंग हुआ भी तो पानी निकला ही नहीं। नतीजा आज भी वहां के किसान आज भी आस लगाए बैठे हैं लेकिन कि हमारा बोरिंग चालू होगा, पानी मिलेगा और  ड्राप सिंचाई योजना का लाभ उठाएंगे। यहां तक कि किसानों के बैंक खाते को विभाग और बैंक मिलकर खाता को फ्रीज कर दिया गया है।ये मामला जलडेगा प्रखण्ड के परबा,लमडेगा मेंं भी ऐसा ही कार्य किया गया है।इससे स्पष्ट है कि आईटीडीए विभाग के सभी कार्यों में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे कर आम जनता को गुमराह करने का कार्य किया जा रहा है।डीप बोरिंग, ड्राप सिंचाई योजना आदि का कार्य कुटुंगिया पंचायत के रामजड़ी चीक टोली, पाहन टोली,जाम टोली पुंडीदीरी,परबा,लमडेगा आदि में किया गया। जहां करोड़ों का गोलमाल है। सभी किसानों से एक लाख चौदह हजार रुपए को ले लिया गया है डीप बोरिंग का सारा समान एनजीओ द्वारा निकाल कर वापस भी ले जाया गया है।कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद समी आलम, अल्पसंख्यक अध्यक्ष सह प्रतिनिधि रावेल लकड़ा, मोहम्मद जमीर अहमद उर्फ प्रिंस, सुनील सुरीन,रहीम खान,नीरल जोजो, वार्ड मेम्बर तरसीला कण्डुला,ईसदोर जोजो,कार्मिला लुगुन,बहालेन कण्डुलना, जानसन जोजो, अल्बर्ट जोजो, मार्टिन जोजो, शान्ति जोजो,जोसफीन जोजो आदि उपस्थित थे।




प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में आने अनियमितता का निरीक्षण करने पहुंचे इंटक नेता दिलीप तिर्की

जलडेगा प्रखंड के स्थानीय लोगो द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत संवेदक द्वारा हो रहे गड़बड़ी को निरीक्षण करने कांग्रेस प्रदेश सदस्य सह इंटक प्रदेश सचिव दिलीप तिर्की औचक स्थल पर पहुँचे जहाँ पर सब कुछ संन्नटा था। जिसपर शीतल कंस्ट्रक्शन द्वारा मयोमडेगा से तुरूपडेगा 5 किलोमीटर PMGSY तहत 183.69 लाख की राशि से कालीकरण का काम होना था। यह कार्य वर्ष 11/2018 को शुरू होकर 7/2019 को खत्म होना था। लेकिन वहाँ रास्ते पर मिट्टी और डस्ट के ऊपर बोल्डर डाल कर छोड़ दिया गया है। जहाँ आए दिन दुर्घटना होते रहते हैं। जिसका जिम्मेवारी लेने वाला कोई नही। इसमें अबतक के निर्माण भी पूर्ण रूप से घटिया है। इसके बावजूद भी इस योजना में विभाग की मिलीभगत से संवेदक नवल किशोर कुमार द्वारा काफी पैसों की निकासी भी हो चुकी है। इसी तरह इसी कंपनी द्वारा जलडेगा रोड के बड़कीटाँगर में 3.50 किलोमीटर का PMGSY कालीकरण रोड इसी कंपनी द्वारा वर्ष 6/2019 को शुरू कर 2/2020 तक पूरा करना था जो वर्तमान में भी लंबित है। जो करोड़ो की योजना है जिसमे पैसे भी निकासी हुई है। जबकि महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी शीतल कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा इससे पूर्व में जोकबहार से मुड़िया PMGSY के तहत करोड़ो की लागत से 3.5 किलोमीटर का कालीकरण रोड 07/2019 को कार्य पूर्ण किया गया। जिसकी हालत वर्तमान में पूर्ण रूप से जर्जर हो चुकी है।जिसपर 5 वर्षो का मेंटेनेंस है। लेकिन विभाग द्वारा कंपनी शीतल कंस्ट्रक्शन पर कोई कार्यवाही नही की गईं।बल्कि नए आवंटित कार्यो में विभाग के अधिकारियों और इंजीयरों कि मिली भगत से उक्त कंपनी को पेमेंट भी किया गया। जब कार्यपालक अभियंता से दिलीप ने मुलाकात कर इस विषय मे बातों को रखा तो उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल गलत हो रहा। ये सभी मामले मेरे आने से पहले के हैं। मैं इसपर जांच कर कार्यवाही जरूर कराउँगा। दिलीप ने यह भी कहा की पूरे जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग सभी कामों में गड़बड़ी है। और जिनका भी 5 साल का मेंटेनेंस अवधि बाकी है उसे जल्द रास्तों को ठीक कराया जाय। यहाँ संवेदक सिर्फ जिले में भोलेभाले लोगो को ठगने आते हैं और लीपापोती कर चले जाते हैं, इसलिए जल्द से जल्द इसे ब्लैकलिस्ट करायें।ताकि भविष्य में बाकी संवेदकों को सबक मिले। यदि कार्यवाही नही हुई तो हमे कार्यवाही कराने के लिए दूसरे रास्ते जाने होंगे। जिसपर कार्यपालक ने कार्यवाही होने का अस्वाशन दिया है।




नेहरू युवा केंद्र सिमडेगा द्वारा नगर भवन में जिला स्तरीय पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम का किया आयोजन

सिमडेगा:नेहरू युवा केंद्र सिमडेगा के द्वारा सिमडेगा नगर भवन में मंगलवार को जिला स्तरीय पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. शहजाद परवेज एवं नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी रोशन कुमार ने संयुक्त रूप से स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्वलित कर किया । तत्पश्चात सभी प्रतिभागियों ने युवा शपथ लिया। जिला युवा अधिकारी ने कहा की इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को एक संस्थागत मंच देना है, जहां युवा जीवन को प्रभावित करने वाले विभिन्न सामजिक और राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त कर सकें, चर्चा कर सकें और साथ ही विशेषज्ञ की उपस्थिति में अपने अनुभव और विचार साझा कर उसका समाधान पा सकें ।मो. शहजाद परवेज ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश और समाज के विकास में युवाओं की अहम भूमिका है। युवाओं के पास अपना एक लक्ष्य होना चाहिए। सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओ का लाभ उठाने हेतु युवाओं को स्वयं एवं अपने आस पास के लोगों को जागरूक करना अति आवश्यक है। जिला स्तरीय पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए प्रतिभागियों को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हेतु मतदाता जागरूकता, मानव तस्करी, कौशल विकास एवं जल संरक्षण के विषय पर चर्चा कर जागरुक किया गया। मतदाता जागरुकता हेतु जिला पंचायत शाखा के सुहासी जी द्वारा युवाओं से चर्चा कर विस्तृत जानकारी दी गई। वही मानव तस्करी विषय पर ए. एच. टी. यू. थाना से अमित जी के द्वारा युवाओं से चर्चा की गई। कौशल विकास और सरकारी योजनाओं की जानकारी श्रम अधीक्षक पुनीत मिंज के द्वारा दी गई। जल संरक्षण पर तकनीकी विशेषज्ञ सुभाष के द्वारा युवाओं को जागरुक किया गया।
जिले के सभी प्रखंडों से आये युवाओं ने भी इन विषयों पर अपने विचारों को साझा किया। कार्यक्रम का मंच संचालन लेखा एवं कार्यक्रम सहायक सोरिना टेटे द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम का आयोजन में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक संजय, रेश्मा, चंद्रकांता, अनुराधा, सौरव सहित अन्य ने मह्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।




डुमरी:कार्य से असंतुष्ट ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के काम को कराया बंद

डुमरी गुमला डुमरी प्रखंड के नावाडीह से केरकोना छत्तीसगढ़ बॉडर तक सड़क निर्माण कार्य के अंतर्गत डुमरी बस स्टैंड स्थित बन रहे पुलिया के निर्माण कार्य से असंतुष्ट ग्रामीणों ने कार्य को बंद करा दिया है। यह सड़क कार्य लगभग 40 करोड़ की लागत से किया जा रहा है मामला यह है की डुमरी बस स्टैंड में दुर्गा मंदिर के सामने एक छोटी सी पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें ढलाई के कार्य में कमजोर बांस का सेंट्रिंग किया गया था जो ढलाई करने के दौरान प्रारंभ में ही सेंट्रिंग टूट गया जिसके बाद ग्रामीणों ने उक्त कार्य को रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से आंदोलन करने के बाद डुमरी के सड़क का निर्माण किया जा रहा है जिसमें हम ग्रामीण गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। कहीं न कहीं कार्य में की गई लापरवाही के कारण पुल बनने से पहले ही सेंट्रिंग ध्वस्त हो गया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक द्वारा घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है जिससे हम सब ग्राम वासी बर्दास्त नही करेंगे। कह कर काम को बंद करा दिया। और विभागीय इंजीनियर के बुलावे पे अड़ गए । उसके बाद संवेदक के साइड इंचार्ज द्वारा इंजीनियर को बुलाया गया जिसपर विभागीय इंजीनियर निमांशु गागराई साइड पर आकर ग्रमीणों को आस्वस्त किया कि जो भी संवेदक द्वारा गलत कार्य किया जा रहा था वो नही किया जायेगा और काम को शुरू कराया।
संसद प्रतिनिधि अनिरुद्ध चौधरी ने कहा की सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता बहुत ही घटिया है। ग्रामीणों की वर्षो से यह सड़क निर्माण की मांग थी और आज जब सड़क का निर्माण हो रहा है तो घटिया निर्माण हो रहा है। संवेदक के द्वारा कार्य की लीपापोती की जा रही हैविभाग के इंजीनियर द्वारा भी साइड का देख रेख नही किया जाता है। इनजिन्नयर को फ़ोन पर कहा गया कि इंजीनियर साइड पर हमेशा भर्मण करे। अगर कार्य में सुधार नही हुआ तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जायेगा।




लमडेगा में “मजदूरों की मजबूरी” का फायदा उठा रहा है गेल इंडिया लिमिटेड

जलडेगा:जलडेगा के लमडेगा में गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे स्टेशन पर काम करने वाले मजदूरों को न्यनूतम मजदूरी नहीं दिया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा प्रखंड श्रमिक मित्र को शिकायत मिली थी कि गेल इंडिया द्वारा पूरा आठ घण्टे काम कराने के बावजूद भी असंगठित मजदूरों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलता है। जिसके बाद प्रखंड श्रमिक मित्र द्वारा शिकायत की जांच की गई तो पता चला कि गेल इंडिया मजदूरों कि मजबूरी का फायदा उठा रहा है। काम करने वाले असंगठित मजदूरों ने बताया कि उन्हें पूरे आठ घण्टे काम करवाया जाता है और मात्र 200 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी भुगतान किया जाता है। वहीं निर्माण कार्य में कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ने वाली नाबालिग लड़कियों से भी काम लिया जा रहा था। पूछने पर बताया गया कि स्कूल छुट्टी है इसलिए काम कर रहे हैं। वहीं महिला मजदूरों ने यह भी कहा कि कार्य स्थल में महिलाओं के लिए टॉयलेट तक की भी सुविधा नहीं है, काम के दौरान अगर किसी को शौच आदि जाना हो तो महिलाओं को जंगल जाना पड़ता है। यहीं नहीं मजदूरों के द्वारा बताया गया कि कार्य स्थल में प्राथमिक उपचार हेतु मेडिकल किट तक भी सुविधा नहीं है।

क्या कहना है गेल इंजीनियर का

मजदूरों की समस्याओं को लेकर जब ठेकेदार अमर साई से बात करने की कोशिश की गई तो गेल इंडिया के इंजीनियर आदित्य मिश्रा द्वारा बताया गया कि उन्हें न्यनूतम मजदूरी की जानकारी ही नहीं है, और ना ही उनके संज्ञान में कस्तूरबा विद्यालय के बच्चों से काम कराने का मामला आया था।  जब महिलाओं के लिए टॉयलेट और प्राथमिक उपचार किट, मजदूरों को दी जाने वाली सेफ्टी किट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इधर मामले कि जानकारी होते ही गेल के अधिकारियों ने कस्तूरबा की बच्चियों को काम में नहीं आने को कहा है और कार्यस्थल में प्राथमिक उपचार किट भी उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन यहां एक सवाल और है कि क्या मजदूरों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर मिलेगा।




ठेठईटांगर पंचायत भवन में दिव्यांगों के बनाए जा रहे प्रमाण पत्र का विधायक ने किया निरीक्षण

ठेठईटांगर: प्रखंड के पंचायत भवन मे शनिवार को दिव्यांगों के लिए विशेष शिविर का आयोजन करते हुए दिव्यांग का प्रमाण पत्र बनाने का कार्य किया गया जहां पर कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाडी ने पहुंचकर चल रहे कार्यों की जानकारी ली। विधायक ने कहा कि हमारे क्षेत्र मे जितने लोग भी दिव्यांग है उन सबका प्रमाण पत्र बनाया जाय ताकि उन लोगो का सरकारी सुविधा मिल सके ।आज कई गरीब परिवार मे लोग दिव्यांगता से प्रभावित है और उन्हे सरकारी सुविधा उपलब्ध भी नही हो पा रही है सभी डॉक्टर और कर्मियों को निर्देश दिया कि जितने भी प्रभावित लोग आते है उनलोगो का प्रमाण पत्र जरूर बनाए। साथ ही विधायक ने खुद दिव्यांग प्रभावित लोगो से मिल कर उनकी समस्या का समाधान कर उनलोगो को जल्द से जल्द पेंशन दिलवाने का आश्वासन भी दिया। मौके पर मौजूद विधायक प्रतिनिधि रावेल लकड़ा, विधायक प्रतिनिधि समी आलम प्रखंड अध्यक्ष फ्रांसिस बिलिंग सचिव अशफाक आलम, प्रवक्ता मोहम्मद कारू, बिपिन पंकज मिंज, कय्यूम आलम, प्रिंस कुमार, आदि करकर्ता उपस्थित थे।




लीड संस्था के द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए चलाए जा रहे हैं परियोजना का ठेठईटांगर में हुआ उद्घाटन

ठेठईटांगर:प्रखंड कार्यालय सभागार में लाइफ एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सपोर्ट के द्वारा शनिवार को प्रवासी मजदूर एवं असंगठित मजदूरों के लिए चलाए जा रहे परियोजना का उद्घाटन सह एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया ।कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में अंचल पदाधिकारी समीर कच्छप एवं प्रखंड के पदाधिकारी जिसमें पशुपालन, कृषि ,बाल विकास मनरेगा एवं पंचायती राज्य के पदाधिकारी उपस्थित रहे। संस्था के राज्य अधिकारी रंजीत भेंगरा, प्रकाश कुमार, राज प्रिया निकिता एवं संजय ग्वाला, चंद्र देव नायक उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में वैसे मजदूर या शिक्षित बेरोजगार का कौशल विकास संस्थान से जोड़कर रोजगार एवं आर्थिक सामाजिक स्थिति को सुधार कर उनके एवं उनके परिवार की स्थिति को सुधार किया जा सके इसके ऊपर बताया गया साथ ही प्रेजेंटेशन के माध्यम से लीड्स किन किन क्षेत्रों में कार्य कर रही है इसके बारे में भी जानकारी दी गई ।इसमें गुरुकुल आरसेटी, जन शिक्षण संस्थान ,एसएलपीएस के अधिकारी उपस्थित रहे।